विराम चिन्ह किसे कहते हैं ? विराम चिन्ह के कितने प्रकार हैं ? | What is the punctuation? How many types of punctuation are there?

विराम चिन्ह किसे कहते हैं  ? विराम चिन्ह के कितने प्रकार हैं ? | What is the punctuation? How many types of punctuation are there?

विराम चिन्ह

विराम का अर्थ है - 'रुकना' या 'ठहरना'
वाक्य को लिखते अथवा बोलते समय बीच में कहीं थोड़ा-बहुत रुकना पड़ता है जिससे भाषा स्पष्ट, अर्थवान एवं भावपूर्ण हो जाती है।
लिखित भाषा में इस ठहराव को दिखाने के लिए कुछ विशेष प्रकार के चिह्नों का प्रयोग करते हैं। इन्हें ही विराम-चिह्न कहा जाता है।

जैसे- 1. ताजमहल किसने बनवाया ?
2. श्याम आया है !

विराम चिन्ह के मुख्य रूप निम्न लिखित हैं-

 (1) अर्द्ध विराम ( ; )
 (2) पूर्ण विराम ( )
 (3) उपविराम ( : )
 (4) प्रश्नवाचक चिन्ह ( ? )
 (5) अल्प विराम ( , )
 (6) विस्मयादिबोधक (  ! )
 (7) उद्धरण चिह्न (” “)
 (8) योजक चिह्न  ( - )
 (9) विवरण चिन्ह ( :- )
 (10)  कोष्ठक ( )
 (11)  लाघव चिह्न ( . )

1. अर्द्ध विराम ( ; )

अर्द्ध विराम का अर्थ हैआधा विराम ।
जहाँ पूर्ण विराम  की अपेक्षा कम देर तक रुकना पड़े, वहाँ अर्द्ध विराम (;) का प्रयोग करते है।

2 पूर्ण विराम ( )

जहाँ एक बात पूरी हो जाये या वाक्य समाप्त हो जाये वहाँ पूर्ण विराम ( ) चिह्न लगाया जाता है।
उदाहरण:-
जैसे- सीता स्कूल से आ रही है।

3. उपविराम ( : )

जब किसी कथन को अलग दिखाना हो तो वहाँ पर उप विराम (:) का प्रयोग करते हैं।
उदाहरण:-
जैसे- विज्ञान : वरदान या अभिशाप।

4. प्रश्नवाचक चिन्ह  ( ? )

प्रश्नवाचक का उपयोग सवाल पूछने के बाद किया जाता है।
उदाहरण:-
जैसे- तुम्हारा नाम क्या है?

5. अल्प विराम ( , )

जहाँ थोड़ी सी देर रुकना पड़े, वहाँ अल्प विराम चिन्ह ( , ) का प्रयोग करते हैं।
उदाहरण:-
जैसे - टेबल, कुर्सी, पंखा

6 विस्मयादिबोधक (  ! )

विस्मय, हर्ष, शोक, घृणा, प्रेम आदि भावों को प्रकट करने वाले शब्दों के आगे इसका प्रयोग होता है।
उदाहरण:-
जैसेवाह ! तुम धन्य हो।

7. उद्धरण चिह्न (” “)

किसी कथन को ज्यों का त्यों उद्धृत करने के लिए उद्धरण या अवतरण चिन्ह ( ‘’ ‘’ ) का प्रयोग करते हैं।
उदाहरण:-
जैसे- "पराधीन सपनेहु सुख नाहीं"

8. योजक चिह्न  (-)

योजक चिन्ह (-) का प्रयोग समस्त पदों के मध्य में किया जाता है।
उदाहरण:-
जैसे - सुख-दुःख, माता-पिता, दिन-रात, यश-अपयश, तन-मन-धन।

9. विवरण चिन्ह ( :- )

विवरण चिन्ह (:-) का प्रयोग वाक्यांश के विषयों में कुछ सूचक निर्देश आदि देने के लिए किया जाता है।
उदाहरण:-
जैसे- भारत में कई बड़ी-बड़ी नदियाँ है; जैसे :- गंगा, यमुना, सिंधु आदि।

10. कोष्ठक ( )

इसका प्रयोग पद (शब्द) का अर्थ प्रकट करने हेतु, क्रम-बोध और नाटक या एकांकी में अभिनय के भावों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
उदाहरण:-
जैसे-निरंतर (लगातार) व्यायाम करते रहने से देह (शरीर) स्वस्थ रहता है।

11. लाघव चिह्न  ( . )

किसी बड़े शब्द को संक्षेप में लिखने के लिए उस शब्द का प्रथम अक्षर लिखकर उसके आगे शून्य लगा देते हैं।
उदाहरण:-
जैसे:- डॉक्टर = डॉ॰
प्रोफेससर = प्रो॰

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